“अपमान की इंतहा! गौरेला जनपद पंचायत में कचरे के बीच फेंकी गई गांधी जी की प्रतिमा, जिम्मेदार अधिकारी बेखबर या जानबूझकर लापरवाह?”

जनपद पंचायत गौरेला में बड़ी लापरवाही: राष्ट्रपिता की प्रतिमा कचरे में फेंकी गई, अधिकारियों की संवेदनहीनता उजागर
गौरेला पेंड्रा मरवाही,जनपद पंचायत गौरेला से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को सभाहाल के मरम्मत कार्य के दौरान कचरे के ढेर में फेंक दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह प्रतिमा करीब एक माह तक इसी अपमानजनक स्थिति में पड़ी रही, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन बने रहे।
सूत्रों के अनुसार, सभाहाल में चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान गांधी जी की प्रतिमा को हटाया गया, लेकिन उसे सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय कचरे के बीच डाल दिया गया। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि राष्ट्रपिता के प्रति गहरी असंवेदनशीलता और अनादर को भी दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जिस महापुरुष ने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनकी प्रतिमा के साथ इस तरह का व्यवहार पूरे समाज के लिए शर्मनाक है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं?
इस मामले में जनपद पंचायत के तत्कालीन सीईओ की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि उनकी निगरानी में कार्य होने के बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही होना प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने तत्काल प्रतिमा को सम्मानपूर्वक स्थापित करने, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी एवं उदाहरणात्मक कार्रवाई की मांग की है।















